कामयाब होने के लिए क्या करें (जिंदगी बदलने वाली बातें)

कामयाब होने के लिए इन बातों को ध्यान से पढ़कर फॉलो करें – हर व्यक्ति जीवन में कोई ना कोई सपना ज़रूर देखता है, जो उसके जीवन को किसी ना किसी रूप में बेहतर बनाने की काबिलियत रखता हो। पर उसे पूरा करने के लिए जिस लगन, हिम्मत, और जज़्बे की आवश्यकता होती है वो हर किसी के अंदर बचपन से उपस्थित हो ऐसा आवश्यक नहीं है।

कई लोगों का मानना है कि जीवन में हमें सिर्फ़ वही हासिल होता है जो हमारी किस्मत में लिखा होता है। वे कहते हैं कि हमारे पैदा होने से पहले ही हमारा भाग्य निर्धारित हो चुका था। परंतु सत्य तो यह है कि ये सारी बातें अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए एक पर्दे का काम करती हैं।

एक बार की बात है सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ने आचार्य चाणक्य से प्रश्न किया कि “अगर हमारा भाग्य पहले से ही निर्धारित है तो हमें परिश्रम करने की क्या आवश्यकता है, जो हमारे भाग्य में होगा वो हमें वैसे भी मिल ही जाना चाहिए?”।

इस पर आचार्य ने उत्तर दिया कि “क्या पता तुम्हारे भाग्य में लिखा हो कि मेहनत करने से ही तुम्हें सब कुछ प्राप्त होगा”। इसी तर्क को अपने मस्तिष्क में जगह देकर स्वयं को सफलता के काबिल बनाने के लिए अपने प्रयत्न को सदैव कायम रखें।

इस मानसिकता के साथ ही, सफलता की ओर बढ़ने के लिए व्यक्ति को अपने भीतर कुछ और भी कारकों को जन्म देना होता है, जिनमें से कुछ कारकों के बारे में यहाँ विस्तार से बताया गया है।

1. आदतें – सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए दुनिया, सामाज या परिस्थितियों को बदलने से अधिक महत्त्वपूर्ण है सबसे पहले खुद में बदलाव लाना। अपनी बुरी आदतों को छोड़ना और स्वयं को योग्य बनाने वाली आदतों में खुद को ढालना जीवन के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पहला कदम होता है।

आप स्वयं खुद को सबसे अच्छी तरह से जानते हैं, अपनी बुरी आदतों को पहचानते हैं, बस क्योंकि उनका सामना करने के लिए हिम्मत जुटाना मुश्किल है इसलिए आप उन्हें अनदेखा कर देते हैं। परंतु ऐसा करते हुए आप यह नहीं सोचते कि कुछ समय पश्चात ये अनदेखी आपके स्वाभिमान को अंदर ही अंदर बहुत चोट दे चुकी होगी, और फिर इनसे पीछा छुड़ाना और भी मुश्किल हो जाएगा।

अपनी बुरी आदतों को छोड़ने के साथ ही अच्छी आदतों को अपनाना भी महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए आप अपने लक्ष्य से संबंधित लोगों की राय ले सकतें हैं। ऐसे सफल लोगों की किताबें पढ़ सकते हैं जो आपके ही जैसे लक्ष्य को प्राप्त कर चुके हैं। धीरे-धीरे आप खुद में बदलाव देखेंगे जो आपको आगे बढ़ने के लिए और प्रोत्साहित करेगा।

कामयाब होने के तरीके, कामयाब व्यक्ति,

2. एकाग्रता – हमारे आस-पास रोज न जाने कितनी क्रियाएँ-प्रतिक्रियाएँ होती रहती हैं, और जाने अनजाने हमारा अवचेतन मन इन सभी क्रियाओं को अपने अंदर समेटता रहता है। ऐसे में बहुत आवश्यक है कि हम खुद पर इतना नियंत्रण रख सकें कि बाहरी परिवेश में होने वाली घटनाओं से प्रभावित ना होते हुए हम अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित्त हों और हमारी संपूर्ण ऊर्जा हमारे जीवन को बेहतर बनाने में इस्तेमाल हो।

एक समय पर एक कार्य में ध्यान लगाने पर ही व्यक्ति वह कार्य कुशलता से पूर्ण कर सकता है। एक साथ बहुत सी दिशाओं में ध्यान भटकाने के कारण एक भी कार्य पूर्ण रूप से नहीं सध पाता। जिस प्रकार सूर्य की रोशनी केंद्रित होने पर अग्नि का रूप ले लेती है उसी प्रकार मनुष्य जब ध्यान केंद्रित करके किसी लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो अवश्य ही सफलता पाता है।

3. त्याग – जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए कुछ अनावश्यक चीज़ों का त्याग करना ही पड़ता है। मनुष्य के पास सीमित समय होने के कारण हर जगह, हर चीज़ पर बर्बाद करने के लिए वक़्त नहीं होता।

अगर आप अपना समय अनावश्यक चीज़ों को देते रहेंगे तो ज़रूरी कार्यों के लिए आपके पास वक़्त नहीं बचेगा और ये असफलता का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। जितनी जल्दि आप अपने अपने वक़्त का सही उपयोग करना सीखेंगे उतनी तेज़ी से आप अपने सबसे महत्त्वपूर्ण कार्यों और लोगों को समय देना सीखेंगे, जिससे आपके जीवन में स्पष्टता आएगी।

4. ज्ञान की प्राप्ति और योजनाएँ बनाना – सफल होने के लिए अपने लक्ष्य से संबंधित पूर्ण जानकारी और सूचना प्राप्त करना समझदारी का लक्षण है। इस जानकारी को अपनी योग्यता और कौशल के साथ माप कर वर्तमान और भविष्य के लिए पहले से  योजनाएँ बना लेना बुद्धिमत्ता का कार्य है।

कड़ी मेहनत के बाद भी कुछ लोग असफलता के चंगुल में सिर्फ़ इसलिए फँस जाते हैं क्योंकि उनके पास अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आवश्यक संपूर्ण सूचना नहीं होती।

इस छोटी सी गलती का मूल्य अपनी मेहनत और समय से चुकाना ठीक नहीं। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार, बिना अपने लक्ष्य से समझौता किए, अपनी योजनाओं को बदलते रहना चाहिए।

5. मेहनत और दृढ़ता – किसी भी उद्देश्य को पाने के लिए मेहनत और कर्मठता का कोई स्थानापन्न नहीं है। बिना कठोर परिश्रम के किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति करना असंभव है। किसी भी क्षेत्र में श्रेष्ठ होने के लिए बार-बार अभ्यास करना अतिआवश्यक है।

कई बार बहुत मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती जिससे बहुत से लोगों की हिम्मत टूट जाती है और वे निराश हो जाते हैं। परंतु आपको यह समझना चाहिए कि सफलता का अर्थ ही है बहुत सी असफलताओं को पार करके अपने उद्देश्य की पूर्ति करना।

जिस प्रकार बार-बार घिसने पर एक पतली सी रस्सी बहुत बड़े पत्थर को भी काट देती है, उसी प्रकार निरंतर लिए जाने वाले परिश्रम और प्रयास से बहुत मुश्किल कार्यों को भी सिद्ध किया जाता सकता है।अपने रास्ते में आने वाली सभी अड़चनों को हरा कर निरंतर प्रयास करते रहने से ही हम कामयाबी की सीढ़ी पर चढ़ने के योग्य बनते हैं।

*जीवन का वास्तविक सुख – सफलता हासिल करने और जीवन की रेस में सबसे आगे दौड़ने की बातों में फंस  कर हमें यह कदापि नहीं भूलना चाहिए कि मनुष्य के जीवन का असली अर्थ क्या है।

मानवीय जीवन का उद्देश्य है सुखी रहना और इसी सुख की प्राप्ति के लिए स्वयं को मोह-माया की दुनिया से परे रखना। परंतु इसका यह अर्थ नहीं की आप सब कुछ त्याग कर योगी बन जाएँ।

अपितु इसका अर्थ यह है कि भले ही आप जीवन में कितनी ही ऊँचाई प्राप्त कर लें परंतु सदैव अपने पाँव धरती पर रखें। अहंकार ना करना भी सफल व्यक्ति की एक अहम विशेषता है जो उसे आम लोगों से भिन्न बनाती है।

इस भाग दौड़ की ज़िंदगी में हम यह भूल जाते हैं कि मानवीय जीवन का प्रकृति से जुड़े रहना सुख और आनंद को पाने के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना धन कमाना, लोगों से रिश्ते बनाना और जिम्मेदारियाँ निभाना। 

सारांश – अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को सिद्ध करने के लिए स्वयं पर नियंत्रण रख कर, पूरे दिल से मेहनत करना ही एकमात्र तरीका है। सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्ट-कट नहीं होता। इसके लिए कड़ी तपस्या, लगन और हिम्मत चाहिए होतो है, और इसलिए अधिकांश लोग एक औसत स्तर का जीवन जीने को अपना भाग्य समझ लेते हैं।

इसके विपरित जो लोग खुद पर विश्वास रखते हैं और स्वयं अपना भाग्य तय करने की इच्छा रखते हैं वो सभी परेशानियों को पीछे छोड़कर सफलता पा लेते हैं।

भले ही वह धन कमाने की बात हो या अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की, शिक्षा में उत्तीर्ण होने की बात हो या खेल में मेडल लाने की, जिस व्यक्ति के मन में लगन और मेहनत करने इच्छा होती है वह हर मुश्किल परिस्थिति को एक सुखद अंत तक पहुचा ही देता है।

5/5 - (1 vote)

Leave a Comment