मंगलवार को हनुमान जी का व्रत गलत तरीके से मत करो, जानिए सही तरीका

धर्म पुस्तकों में मंगलवार को शुभ दिन बताया गया है, इस दिन को कल्याणकारी इसलिए भी माना जाता है क्योंकि, इस दिन को हनुमान जी का दिन बताया गया है और कलयुग में हनुमान जी ही एक ऐसे भगवान हैं जो अपने भक्तों की पुकार सबसे जल्दी सुनते हैं।

जो भी प्राणी हनुमान जी की पूजा करता है और उनकी कृपा पा लेता है, उसे दुनिया में किसी से भी भय नहीं लगता है और भूत-पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन से भी भगवान उसकी रक्षा करते हैं।

Image पर क्लिक करें और सीक्रेट टिप्स जानें.

इसके साथ ही जब तक आपके सिर पर हनुमान जी का हाथ है, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन जैसी कोई तंत्र विद्या आपके ऊपर असर नहीं करेगी। अगर आप उनके भक्त हैं तो हर दुर्घटना से हनुमान जी आपको बचा लेंगे।

जिंदगी के हर अच्छे-बुरे क्षण में और आपके हर सवाल का जवाब आप हनुमान जी की कृपा से जान पाएंगे। मंगल दोष, तनाव अथवा मन की चिंता तो आपको छुएगी तक नहीं। प्रभु इतने शक्तिशाली और कृपालु की बजरंगबली के भक्त का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

यह कृपा आप भी मंगलवार को बजरंगबली का व्रत करके प्राप्त कर सकते हैं। कुछ लोगों को व्रत के बारे में जानकारी नहीं होती है, इसलिए हम आपको व्रत से जुड़ी अहम बाते बताते हैं, आप प्रत्येक पॉइंट को ध्यान से पढ़ें।

क्या है इस व्रत की पूजा करने की प्रक्रिया?

भगवान आपको जल्दी से जल्दी दर्शन दें या भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए आपको भगवान में पूर्ण आस्था होनी चाहिए। उसके बाद मन में किसी भी प्रकार का किसी दूसरे के प्रति ईर्ष्या, किसी का बुरा सोचे बिना और मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन आदि का त्याग करने के बाद इस व्रत को शुरू करें।

व्रत के लिए सबसे पहले मंगलवार को सूर्य के निकलने से पहले उठ जाएं, मतलब 4-5 बजे के समय उठना सही है। अब शौच, स्नान आदि कार्य निपटा लें। अब लाल रंग के कपड़े पहनें और बजरंगबली को लाल फूल, सिन्दूर, वस्त्र चढ़ाएं।

इसके बाद मन में पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की तस्वीर अथवा मूर्ति के सामने राम जी को प्रणाम करें और इसके बाद हनुमान जी को प्रणाम करें और प्रभु के सम्मुख ज्योति जलाने के बाद हनुमान चालीसा अथवा सुंदरकांड-पाठ या दोनों करके व्रत शुरू करें।

उस दिन शाम के समय बजरंगबली को बेसन के लड्डु अथवा खीर का भोग लगाना चाहिए और खुद बिना नमक का खाना खाएं। साथ ही इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना भी जरूरी होता है। मांगलिक दोष से पीड़ित लोगों के लिए इस दिन व्रत करना लाभकारी होता है। शनि की महादशा हो या ढैय्या या साढ़ेसाती की प्रॉब्लम, हनुमान जी की कृपा से संसार में कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

हमने नीचे आपको कुछ हनुमान जी के कल्याणकारी मन्त्रों के बारे में बताया है, आप इन्हें याद कर सकते हैं –

1.ॐ तेजसे नम:
2.ॐ प्रसन्नात्मने नम:
3,ॐ शूराय नम:
4.ॐ शान्ताय नम:
5.ॐ मारुतात्मजाय नमः
6.ऊं हं हनुमते नम:

मंगल को शाम के समय बजरंगबली की तस्वीर अथवा मूर्ति के सामने बैठकर ऊपर जो मंत्र लिखे हैं, इनका 108 बार या इससे भी ज्यादा बार जितनी ज्यादा बार आप जाप कर सकें, उतनी बार इनको जपे। आपका जीवन चमत्कारी तरीके से बदल जाएगा।

Disclaimer – इस पोस्ट में लिखी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई हैं। HindiRaja.in इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है, कृपया इनमें से किसी भी बात को फॉलो करने से पहले इस बिषय के जानकार से राय जरूर लें।

Leave a Comment