ठंडी में इस तरह करें भेड़-बकरियों की देखभाल, बड़े नुकसान से बच सकते हैं

दोस्तों आज है 6 दिसंबर और सर्दी अब शुरू हो चुकी हैं। सर्दी ज्यादातर इंसानों को भले ही पसंद हो लेकिन, बहुत सारे पशुओं की जान का कारण भी यही सर्दी बन जाती है। ऐसे में अच्छे से देखभाल न की जाए, उनको सर्दी से बचाकर न रखा जाए तो आपको पशुओं पर मोटा पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

चाहे आपका बड़ा व्यवसाय हो या केवल अपने लिए थोड़े से पशु हों, सर्दी में अगर ध्यान न दिया जाए तो भेड़-बकरी को बिमारी बहुत जल्दी जकड़ लेती है।

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खासकर पशुओं से जुड़ा बिजनेस वालों लोग अगर पशुओं की मृत्युदर में कमी कर लेते हैं तो, मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए दिसंबर-जनवरी के महीने में इनकी ख़ास देखभाल जरूरी है। अगर खुद को इस नुकसान से बचाना है तो नीचे बताए सभी उपाय ध्यान से पढ़ें:

पशुओं को निमोनिया से बचाएं – सर्दियों में ठंडी हवा में अगर थोड़े से ज्यादा वक्त के लिए आप भेड़ या बकरियों पर ध्यान नहीं देते तो, इनको निमोनिया जकड़ लेता है और यह मौत का कारण भी बन सकता है।

इसलिए सबसे पहली और सामान्य-सी बात यह है की, पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए बोरी से अच्छे से ढक कर रखें, खुले में पशु को न बांधे।

सुखी घास बिछाएं – बहुत सारे किसान घास तो बिछाकर रखते हैं लेकिन, उसको बदलने में आलस करते हैं। सुखी घास पेशाब से गीली हो जाने के बाद बदली न जाए तो, वह और ज्यादा नुकसान करती है।

इसके अलावा शेड में चुना का इस्तेमाल करें, यह तापमान को बढ़ाने में सहायक होता है और कीटाणु भी मरता है।

तेज रौशनी वाले बल्व – शेड में ऐसे बल्ब का इस्तेमाल करें जो तापमान बढ़ाने में मदद करते हैं। आपको ऐसे तेज रौशनी वाले पीले बल्ब का इस्तेमाल करना चाहिए इन्हें आपको जमीन से लगभग 4 फ़ीट की ऊंचाई पर लगाना चाहिए।

भट्टी से बढ़ाएं शेड की गर्मी – आप षशेड में भट्टी भी बना सकते हैं और पशुओं को ठण्ड से बचने में मदद कर सकते हैं। यह भट्टी से तापमान बढ़ाने वाला कांसेप्ट काफी अच्छा है, अगर संभव हो तो इसे जरूर करें बस, धुंए से बचाव की व्यवस्था रखें वरना इससे भी निमोनिया हो सकता है।

बीमार को अलग करें – बकरी हो या अन्य कोई भी जानवर आपको बीमार पशु के साथ में स्वस्थ पशु को नहीं रखना है क्योंकि, बीमारी एक से दूसरे पशु में तेजी से फ़ैल सकती है और सभी को बीमार कर सकती है।

स्वच्छ पानी की करें व्यवस्था – पानी अगर स्वच्छ नहीं होगा और आप कई दिन पुराना कहीं भरा हुआ पानी पशु को पिलाएंगे तो एक तो वह गन्दा है और दूसरा वह ठंडा है, जिस कारण आपका पशु बीमार सकता है।

बकरियों को खासकर सर्दियों में थोड़ा-सा गुनगुना पानी पिलाएं क्योंकि, बकरिया ठण्ड के दिनों में कम पानी पीने की बजह से अपने शरीर में पानी की कमी कर लेती हैं।

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