बोर्ड परीक्षा में ये 5+ गलतियां गलती से भी मत करना

बोर्ड परीक्षा में 5+ गलतियां – अक्सर बच्चे जब पहली बार बोर्ड की परीक्षा देते हैं तो उनसे जाने-अनजाने में ऐसी-ऐसी बड़ी गलतियाँ हो जाती हैं, जिससे उनके नंबर काफी कम आते हैं और कई बार तो, बच्चे छोटी-सी गलती की बजह से मुशीबत में पड़ जाते हैं।

आप ये गलती न करें और आपको किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े इसलिए, आपको इस पोस्ट को शुरू से अंत तक बहुत ही ध्यान से पढ़ना चाहिए। आइये जानते हैं की ये 5+ गलतियाँ कौन-कौन-सी हैं –

Image पर क्लिक करें और सीक्रेट टिप्स जानें.

◆ आंसर राइटिंग स्किल की कमी –

कई बार जब हमारा बोर्ड का पहला एग्जाम होता है तो इस गलती को काफी बच्चे करते हैं। वे घर से आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस ही नहीं करके जाते हैं और न ही उन्होंने बहुत ज्यादा सेम्पल पेपर्स सॉल्व किए होते हैं, जिस कारण उनको आंसर राइटिंग का अनुभव नहीं होता है।

बेहतरीन पोस्ट: स्टूडेंट कैसे शुरू करें कंपटीशन की तैयारी?

ऐसे स्टूडेंट ऐसे सवाल में फँस जाते हैं जब उनके पेपर में कोई ऐसा प्रश्न आ जाता है, जिसके बारे में उन्हें जानकारी तो होती है लेकिन, उन्होंने उस प्रश्न का सटीक उत्तर रटा नहीं है। अगर आप उत्तर लिखने की कला को पहले से ही विकसित कर लेते हैं तो, ऐसी समस्या आपके सामने नहीं आती है।

◆ सिलेबस अपडेट की जानकारी न होना –

जैसा की हमने अभी कुछ साल पहले कोरोना महामारी के समय देखा था की, सिलेबस में बड़े बदलाब हुए थे। ऐसे ही बदलाब बोर्ड की ओर से समय-समय पर किए जाते हैं, कई बार विद्यार्थी इसे नजरअंदाज कर देते हैं या उनको इसकी जानकारी न होने पर भी यह समस्या होती है।

बच्चे सही सिलेबस की जानकारी न होने की बजह से अपना ज्यादा समय और ऊर्जा ऐसे टॉपिक या चैप्टर को याद करने में लगा देते हैं, जहाँ कम पढ़कर भी काम चल सकता था।

◆ समय मैनेज करने की समस्या –

जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं की सैंपल पेपर्स को सॉल्व करने से आपको पेपर का आईडिया तो होता ही है, साथ में समय पर पेपर पूरा करने की आदत भी विकसित होती है। कुछ बच्चे घर पर सैंपल पेपर्स को सॉल्व तो करते हैं लेकिन, टाइमर लगाकर नहीं करते हैं। इसी बजह से उनको पेपर करते वक्त समस्या होती है।

वे जब पेपर करना शुरू करते हैं तब तो काफी स्पीड से पेपर करना शुरू करते हैं लेकिन, जैसे ही पेपर में कुछ कठिन सवाल आ जाते हैं तो वे उनको समझने के चक्कर में ही अपना बहुत सारा समय बर्बाद कर देते हैं।

शानदार पोस्ट: परीक्षा में 90% लाने के लिए अपनाए ये तरीके।

आपके साथ यह परेशानी पेपर के दौरान न आए इसलिए आपको घर पर सैंपल पेपर को टाइमर के साथ सॉल्व करके देखते रहना है और पेपर में एक साधारण कलाई घड़ी जरूर बांधकर जानी चाहिए। इससे आप बीच-बीच में समय देखकर उसी हिसाब से पेपर सॉल्व करने की गति में बदलाब कर सकते हैं।

पेपर में स्टाइलिश घड़ी को लेकर नहीं बैठने देते हैं इसलिए ध्यान रहे कि घड़ी साधारण ही हो।

◆ बिना गलती के चीटिंग का आरोप –

ऐसा वैसे तो बहुत कम बार होता है लेकिन होने की संभावना जरूर रहती है। अगर आपके पास कोई ऐसा बच्चा बैठा है जो बोर्ड एग्जाम में भी चीटिंग कर रहा है तो, आपको इसकी सूचना तुरंत अपने क्लास टीचर को देनी चाहिए।

कई बार ऐसे बच्चों की बजह से कुछ ऐसे बच्चे भी फँस जाते हैं जिनकी कोई गलती नहीं होती। यदि परीक्षा के बीच में बैच चेकिंग करने आ जाता है और वो बच्चा चीटिंग को धीरे से आपकी सीट के नीचे फेंक देता है तो, आप फँस सकते हैं और बैच आपकी कॉपी पे नोट लिख देगा।

वैसे तो आजकल क्लास में कैमरे लगे होते हैं लेकिन कई बार कैमरों के बाबजूद भी इस तरह की घटना हो जाती है। आपको इससे सावधान रहने की जरूरत है।

◆ तबियत खराब –

अगर आप परीक्षा से पहले कोई बाहर की ऐसी चीज खा लेते हैं, जिस कारण आपका पेट खराब हो जाता है या आपको उल्टी आदि की समस्या हो जाती है तो, आपका पूरा पेपर खराब हो सकता है। मुझे लगता है आप ऐसा कभी भी नहीं चाहेंगे।

इसे भी पढ़ें: अपनी वैल्यू कैसे बढ़ाएं?

अगर आप अपने साथ इस समस्या को नहीं होने देना चाहते हैं तो, परीक्षा देने जाने से पहले हल्का भोजन ही करके जाएं और प्रत्येक खाने की चीज को खाने से पहले सोच लें की, क्या उसे खाना सही है।

◆ खराब हैंडराइटिंग –

कई बच्चों का हैंडराइटिंग खराब ही होता है जबकि, कुछ बच्चे समय की कमीं की बजह से अच्छा-अच्छा नहीं लिख पाते हैं। चाहे आप किसी भी कारण से अच्छा न लिख पाए हों, कॉपी चेक करने वाले टीचर को उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

इसलिए कोशिश करें की अच्छे-अच्छे शब्दों में किसी भी प्रश्न का उत्तर दें। यदि टीचर को आपका राइटिंग पसंद आएगा और साथ में आपने सही जबाब भी दिए होंगे तो, टीचर दिल खोलकर आपको नंबर देगा।

अगर परीक्षा में अभी कुछ दिन बाकी हो तो, आप हमारी हैंडराइटिंग सुधारने वाली पोस्ट को एक बार जरूर पढ़ें।

◆ पहले पेपर में घबराहट –

बहुत सारे बच्चे जो पहली बार बोर्ड का एग्जाम देते हैं वे अक्सर पेपर देखकर कई बार घबरा जाते हैं क्योंकि, पेपर काफी बड़ा होता है या कई बार पेपर में बहुत सारे प्रश्न उनकी याद के नहीं होते हैं। ऐसे में बहुत ज्यादा घबराहट से कुछ फायदा नहीं होगा बल्कि, आपकी जो कुछ याद है उसे भी आप अच्छी तरह नहीं लिख पाएँगे।

कोशिश करें की पेपर करते वक्त बीच-बीच में 1-2 बार गहरी श्वास लेते रहे और बीच में 1 बार पानी पीने भी जा सकते हैं। धैर्य के साथ यदि पेपर करेंगे तो पेपर ज्यादा अच्छे से सॉल्व कर पाएंगे।

◆ गलत प्रश्न समझ लेना –

जल्दबाजी में बहुत सारे स्टूडेंट्स ये गलती करते हैं, वे जल्दी-जल्दी के चक्कर में प्रश्न ही गलत पढ़ लेते हैं और उत्तर भी गलत ही लिख आते हैं। उन्हें गलत उत्तर की जानकारी भी परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने पर होती है, जब हम फिर से क्वेश्चन पेपर पढ़ते हैं।

इस गलती को करने से बचने के लिए आपको सबसे पहले तो प्रश्न को पढ़ते वक्त जल्दबाजी नहीं करनी है और पेपर पूरा करने के बाद भी एक बार फिर से जांच कर लेनी है की, कहीं कोई गलती तो नहीं हो गई है क्योंकि, 2 उत्तर को गलत करने से अच्छा है एक उत्तर को सही से कर लो।

◆ कलरफुल पैन का इस्तेमाल –

कुछ बच्चे बोर्ड एग्जाम में रंग-बिरंगे पैन का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे कॉपी बहुत ही सुंदर लगती है और कई बार कॉपी चेक करने वाला टीचर काफी अच्छे नंबर भी देता है लेकिन, जरूरी नहीं है की जिस टीचर के पास आपकी कॉपी चेक होने के लिए जाएं उन्हें इस तरह के पैन से लिखा हुआ पसंद आता हो।

अगर उन्हें यह पसंद नहीं आता है तो वह कहावत सिद्ध हो जाएगी “बनने गए थे हूर और बन गए लंगूर”। ऐसे में वह टीचर आपके नंबर काट सकता है इसलिए बच्चों को परीक्षा में केवल काला और नीला पैन इस्तेमाल करने के लिए बोला जाता है।

कोशिश करें की हद से ज्यादा सजावट या कॉपी पर किसी तरह का स्टिकर लगाने से बचें वरना, आपके नंबर कट सकते हैं।

ज्यादातर विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्न:

Q. उ.प्र. बोर्ड की कॉपी कितने पेज की होती है?

UPबोर्ड की 10th क्लास की परीक्षा की कॉपी में 24 पेज और 12th क्लास की एग्जाम की कॉपी में 28 पेज होते हैं।

Q. क्या बोर्ड एग्जाम के लिए 1 महीना पढ़कर 85% आ सकते हैं?

नहीं, ये आसान नहीं है। जो बच्चा पूरे साल पढ़ाई नहीं कर पाया हो, उसके लिए 1 महीने में सिलेबस को याद करना कठिन है। हाँ, पास हो सकता है।

Q. बोर्ड पेपर में टॉप कैसे करें?

टॉप करने का केवल एक तरीका है कि आप साल के शुरूआत से ही कठिन मेहनत करते हुए चलें और पेपर से 1 महीना पहले ही सारा सिलेबस याद कर लें। उसके बाद लगातार सिलेबस दोहराते रहें।

अंतिम वार्ता –

तो बच्चों ये थी ऐसी 5 गलती जो आपको बोर्ड एग्जाम के वक्त या उससे पहले नहीं करनी हैं। इन सभी में से ज्यादातर चीजें इस बजह से खराब होती है क्योंकि, आप पूरे सालभर उस लगन और मेहनत से पढ़ाई नहीं करते हैं जो, एग्जाम की डिमांड है।

इसे भी पढ़ें: एक बार पढ़ते ही कैसे याद करें?

अगर आपने सच में मेहनत की है तो, आआपको पोस्ट में बताई गई 1-2 गलतियों को करने से बचना है और बाकी बची हुई गलतियाँ आपसे खुद ही नहीं होंगी।

आशा करता हूँ आपनेपोस्ट से कुछ न कुछ अच्छी जानकारी ली होगी और अब आप बिना किसी झिझक और सवाल के पेपर देने जा सकते हैं। आपका पेपर अच्छा हो, मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। 🙂

Leave a Comment